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चन्द्र देव को कैसे मनायें!


चन्द्रदेवकोकैसेमनायें
चन्द्र देव
चन्द्रमा मन का प्रतिनिधित्व करते हैं, यह जातक में भावुकता, चंचलता, विवेक, बुद्धि आदि का प्रतीक हैं। मन पर ही व्यक्ति की न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक स्थिति भी निर्भर करती है, कहा भी गया है ’’मन एव मनुष्याणां बन्ध कारणं मोक्षः।‘‘ ज्योतिष में चन्द्रमा उपरोक्त के साथ-साथ माता, मौसी, कफ-विकार, नाक-कान-गला, आंख के विकार, पानी के विकार, फेफड़े,  पेट, कन्धे के रोग, रक्तचाप, दुर्घटना, जिगर, तिल्ली के दोष, याददाश्त, आयु आदि का प्रतीक हैं। यदि जातक का जन्म कृष्ण पक्ष की अष्टमी से शुक्ल पक्ष की अष्टमी तक होता है तो जातक में उपरोक्त वर्णिंत परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं, ऐसे जातकों को अष्टमी, पूर्णिमा और अमावस्या के आसपास मानसिक उद्धेग उत्पन्न हो सकता है।
लेखक-संजय कुमार गर्ग  sanjay.garg2008@gmail.com (All rights reserved.)

चन्द्रमा कब कमजोर होते हैं-
1-कुंडली में यदि चन्द्रमा पापग्रस्त हों तो जातक में रोग निरोधक क्षमता का ह्रास होता है।

2-चन्द्रमा राहु के साथ हों तो भी मानसिक कष्ट देेते हैं।

3-कुंडली में चन्द्रमा यदि 4, 8 या 12वें भाव में हो तो निर्बल होते हैं, चतुर्थ चन्द्रमा माता के लिये और आठवें भाव का चन्द्रमा स्वयं के लिये अशुभ है।

4-यदि राशियों की दृष्टि से देखे तो मंगल और शनि की राशियां चन्द्रमा के लिये अशुभ हैं।

5-चन्द्रमा को कुण्डली में सूर्य से कम से कम दो भाव पृथक होना चाहिये, सूर्य और चन्द्रमा के बीच जितनी दूरी होगी उतना ही शुभ होगा, ऐसे जातक मानसिक रूप से सबल होते हैं, सूर्य व चन्द्रमा की पृथकता स्वास्थ्य के साथ आर्थिक सबलता भी प्रदान करती है।
लेखक-संजय कुमार गर्ग  sanjay.garg2008@gmail.com (All rights reserved.)

हस्तरेखा से कैसे जाने-
निम्न चित्र में यदि जातक का चन्द्रपर्वत दबा हुआ हो, उस पर आपस में काटती हुई रेखायें हों, या बिन्दु/जाली हो तो जातक में उपरोक्त वर्णित सुखों का अभाव हो सकता हैै।
यदि किसी की याददाश्त (Memory) कमजोर होती जा रही हो तो भी निम्न में से एकाधिक उपाय किये जा सकते हैं।

चन्द्रमा को कैसे मनायें-
1-चन्द्रदेव को प्रसन्न करने के लिये सोमवार का व्रत रखना चाहिये।

2-मेष, वृष, मिथुन, कर्क, कन्या, तुला, वृश्चिक लग्न वालों के लिये मोती रत्न शुभ होता है, वे इसे पहन सकते हैं। लेखक-संजय कुमार गर्ग  sanjay.garg2008@gmail.com (All rights reserved.)

3-सस्ते विकल्प के लिये चांदी का छल्ला धारण किया जा सकता है।

4-हर पूर्णमासी को चन्द्रमा की रोशनी में बैठना चाहिये व चन्द्र-मंत्र  का जाप करना चाहिये।

5-चांदी के बर्तन में दूध, खीर, मीठे चावल या मिठाई का सेवन करना चाहिये।

6-पीपल के फल, सूखा गूलर, गूलर की जड़ घर में संभाल कर रखें।

7-शिव पूजन व दूध का दान करने से चन्द्र अनुकूल होते हैं।

8-घर में पानी के पौधे, बेल या मछली का एक्वेरियम रखें ।

लाल किताब के अनुसार चन्द्रमा के उपाय क्यों, कब और कैसे!
लाल किताब के चन्द्र ग्रह के उपाय हमें क्यों करने चाहिए? ऐसी कौन सी समस्याएं हैं, जिनके लिए हमें लाल किताब के उपाय करने चाहिए? समस्याओं का विवरण तथा कुंडली में कैसे पता करें हमें कौन से घर या ग्रह के उपाय करने चाहिए? आदि के बारे में वर्णन!

9-बाहर जाने से पहले पानी पीकर जाये।
10-चावल, चीनी, देशी घी से भरा नया बर्तन, छोटी इलायची, काजू, दूध, चांदी, सफेद वस्त्र अपनी सामर्थ्यनुसार उपरोक्त में से कोई एक या अनेक चीजें माह में, सप्ताह में दान दें और खायें। दिन-सोमवार, पुर्णमासी में दिन तथा सांयकाल के समय अपनी सुविधानुसार चुन लें।

विशेष-यदि पूर्व वर्णित समस्यायें गंभीर होती जा रही हो तो किसी अनुभवी ज्योतिषी से सम्पर्क करना चाहिए।
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                              -लेखक-संजय कुमार गर्ग (लेखाधिन पुस्तक "नवग्रह रहस्य" से) 
(चित्र गूगल-इमेज से साभार!)